Saturday, 21 January 2012

"इश्क..!!"


एक इश्क है दुनिया में 
जो दौलत से नहीं मिलती 
कहने को तो दुनिया में 
बाज़ार हजारों हैं
इस हुस्न की दुनिया में 
दिलदार हजारों हैं
एक तुम्ही को हमने 
इस दिल में बसाया है
कहने को तो दुनिया में 
दिलदार हजारों हैं
मैं देख चूका हूँ ये
इस आज की दुनिया को
मारे हुए मतलब के
यार हज़ारों हैं...
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