Saturday, 10 October 2015

"हस्ती...!!"

हर बार वो रास्ता कोई और बनाते रहे
हम हैं कि इंतज़ार करते रहे
मुझे मिटाने की हर कोशिश की गयी
लेकिन फिर भी हम डटे रहे
खड़े रहे उसी राह पर कि.…
कुछ बात तो है हममें भी.....
कि हस्ती हमारी कभी मिटती नहीं...|||
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Wednesday, 1 July 2015

"जाने क्यों बदल गए...!!"


तुम कल थे मेरे पास..
आज नहीं हो...
धड़कने कल भी धड़कतीं थी
धड़कने आज भी धड़कतीं हैं...
फ़र्क सिर्फ ये है कि...
कल तेरे साथ धड़कतीं थीं..
आज तेरी याद में धड़कतीं हैं |
तुमने एक वक़्त माँगा था मुझसे....
देखो उस वक़्त ने तुमको ...
आज कितना बदल दिया है,
पर तेरी एक तस्वीर रखी है,
अभी भी संभाल कर मैंने ||
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Saturday, 21 March 2015

"सौदा...!!"

एक बार वक़्त लेकर
हम आये थे तुम्हारे पास
तुमने कहा था
अभी फुर्सत नहीं है
ज़िन्दगी इतनी तेज़ भाग रही कि
चलो एक सौदा कर लेते हैं आज
अगर तुम समय लेकर आओगे
तो हम भी समय लेकर आएंगे
वरना इतना समय नहीं है इंतज़ार का
अब मैंने भी उनकी खबर रखनी छोड़ दी
जो सिर्फ अपने लिये ही समय रखते हैं
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Thursday, 22 January 2015

"मैं...!!"

मैं और मेरे अंदर का मैं
मारता हूँ पल पल एक मैं को
न जाने फिर भी
ज़िन्दा हैं  कितने मैं
ज़िन्दा हैं अभी भी
मेरे अंदर मेरा मैं
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Tuesday, 6 January 2015

"आहिस्ता आहिस्ता फिर अकेला हो गया...!!"






आहिस्ता आहिस्ता फिर अकेला हो गया....
चुन चुन कर दोस्तों की ...
महफ़िल सजाई थी मैंने !!
अपनी अपनी बात सभी ने सुनाई...
कुछ मैंने भी अपनी बताई !!
रात जब और बड़ी हुई...
महफ़िल का रंग भी गहराया...
वक़्त कैसे कटा...
कब रात बीती और कब उजाला हुआ...
महफ़िल टूटी कि मैं....
आहिस्ता आहिस्ता फिर अकेला हो गया..||
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