Thursday, 16 March 2017

"ख़ामोश करती ज़िन्दगी..!!!"


एक आवारा सा हवा था वो
जाने क्यों आज रुक गया है
हर वक़्त जो शरारतें करता था
जाने क्यूँ आज वो शांत है
महफ़िल में मौजूद तो रहता है
पर किसी और ख्याल में खोया है
बातें तो करता है
पर खुद से गुमसुम सा हो गया है वो
लोग कहते हैं ----
दफ़ना दिया उसने अपनी ख्वाहिशों को
ज़िन्दगी ने उसे खुद का क़ातिल बना दिया है ||
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Sunday, 18 December 2016

"तारीफ़ें..!!!"

वो मुझसे कहते हैं
तुम क्या देख लेते हो मेरे चेहरे में
जो तारीफ़ें करते  हो इतनी मेरी
आईना तो मैं भी रोज़ देखती हूँ
मुझे तो कुछ अलग नहीं दिखता
मैंने कहा ---
आइना तो ले आये हो तुम बाज़ार से
पर देखने के लिए मेरी नज़र कहाँ से लाओगे
एक बार मेरी नज़रों में नज़र मिलाकर देख लो
तुम्हारे सभी सवालों का जवाब मिल जाएगा।।।। 
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Sunday, 28 August 2016

"तुम...!!"

मुर्दों के इस शहर में
ज़िंदा इंसान कहाँ से खोजूं...
हर चेहरे पर मतलब का नक़ाब है
तेरा चेहरा ही सच्चा है......
इंतज़ार-ए -दीदार में हर वक़्त रहता हूँ...
बस तेरी मेहरबानी कभी कभी होती है..
तुम जो कभी कभी मिलते हो...
मुस्कुराता  हूँ तुझे देख कर...
मुझे जिंदा कर देती हो... तुम !!!!
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Monday, 22 February 2016

"तू...!!"

मैं तुम्हें नहीं पूजता
पर जिसे मैं पूजता हूँ
वो तुम्हें मानती है
मेरे खुद के रहने का घर नहीं
पर तेरे  लिए एक जगह ढूंढता हूँ
क्या करूँ मैं अपनी माँ को मानता हूँ...
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Saturday, 10 October 2015

"हस्ती...!!"

हर बार वो रास्ता कोई और बनाते रहे
हम हैं कि इंतज़ार करते रहे
मुझे मिटाने की हर कोशिश की गयी
लेकिन फिर भी हम डटे रहे
खड़े रहे उसी राह पर कि.…
कुछ बात तो है हममें भी.....
कि हस्ती हमारी कभी मिटती नहीं...|||
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Wednesday, 1 July 2015

"जाने क्यों बदल गए...!!"


तुम कल थे मेरे पास..
आज नहीं हो...
धड़कने कल भी धड़कतीं थी
धड़कने आज भी धड़कतीं हैं...
फ़र्क सिर्फ ये है कि...
कल तेरे साथ धड़कतीं थीं..
आज तेरी याद में धड़कतीं हैं |
तुमने एक वक़्त माँगा था मुझसे....
देखो उस वक़्त ने तुमको ...
आज कितना बदल दिया है,
पर तेरी एक तस्वीर रखी है,
अभी भी संभाल कर मैंने ||
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Saturday, 21 March 2015

"सौदा...!!"

एक बार वक़्त लेकर
हम आये थे तुम्हारे पास
तुमने कहा था
अभी फुर्सत नहीं है
ज़िन्दगी इतनी तेज़ भाग रही कि
चलो एक सौदा कर लेते हैं आज
अगर तुम समय लेकर आओगे
तो हम भी समय लेकर आएंगे
वरना इतना समय नहीं है इंतज़ार का
अब मैंने भी उनकी खबर रखनी छोड़ दी
जो सिर्फ अपने लिये ही समय रखते हैं
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"हक़...!!!"

 तुम जो अगर, मुझ पर प्यार से.... अपना एक हक़ जता दो  तो शायरी में जो मोहब्बत है,  उसे ज़िंदा कर दूँ....  हम तो तेरी याद में ही जी लेंगे ... तु...