Showing posts with label सोचा. Show all posts
Showing posts with label सोचा. Show all posts

Monday, 6 September 2010

"सोचा न था..!!"

तुम अगर मुझे सुन लेती..
तो आज जिंदगी कुछ यूँ तो न होती !
कितने सपने सजाये थे मैंने..
सोचा न था कि जीवन-नैया अकेले चलाएंगे !!

मेरे पहलू में अगर कुछ देर बैठ जाती..
तो आज ये बेचैनी कुछ यूँ तो न होती !
तुम्हारे लिए कुछ चीजें खरीदीं थी मैंने..
सोचा न था की आज वो यूँ बर्बाद हो जायेंगे !!

मेरे साथ कुछ देर तुम चल लेती..
तो आज मंजिल कुछ यूँ तो न होती !
रास्ते तो हसीन बनाये थे मैंने..
सोचा न था कि यूँ हमसफ़र बदल जायेंगे !!
----------*----------

"हक़...!!!"

 तुम जो अगर, मुझ पर प्यार से.... अपना एक हक़ जता दो  तो शायरी में जो मोहब्बत है,  उसे ज़िंदा कर दूँ....  हम तो तेरी याद में ही जी लेंगे ... तु...