Showing posts with label ख़ामोशी. Show all posts
Showing posts with label ख़ामोशी. Show all posts

Saturday, 9 July 2011

"ख़ामोशी..!!"



एक ख़ामोश रात में
तनहा दोस्तों से दूर
आखें बंद कर एक बार
सोचा तुमको मैंने...
ये अकेली ख़ामोश रात 
और आखों से निकलते 
वो ख़ामोश आँसूं-
एक ख़ामोश सी चाहत 
कि काश तुम पास होती...
----------*----------

"हक़...!!!"

 तुम जो अगर, मुझ पर प्यार से.... अपना एक हक़ जता दो  तो शायरी में जो मोहब्बत है,  उसे ज़िंदा कर दूँ....  हम तो तेरी याद में ही जी लेंगे ... तु...