Showing posts with label अच्छे थे हम जब बच्चे थे. Show all posts
Showing posts with label अच्छे थे हम जब बच्चे थे. Show all posts

Tuesday, 23 November 2010

"अच्छे थे हम जब बच्चे थे..!!"

एक एक करके सब अपने छूटे
सारे रिश्ते- नाते और बंधन टूटे
क्या मिला हमें बड़ा होकर
हार कर हम सबसे रूठे

तेरी ख़ुशी में ख़ुशी मनाता था
हमेशा महफिल में शामिल था
क्या थे वो मासूम से रिश्ते
जो हर दर्द मिटा जाते थे

खेले थे हम साथ साथ
साथ में दौड़ लगायी थी
ये कैसा दौड़ाया जीवन ने
कि हम साथ छोड़कर भाग गए

अच्छे थे हम जब बच्चे थे
सच्चे थे वो काम जो होते थे
झूठ - फरेब तो उम्र ने सिखाया
अब लगता है --
अच्छे ही थे जब हम बच्चे थे
----------*----------

"हक़...!!!"

 तुम जो अगर, मुझ पर प्यार से.... अपना एक हक़ जता दो  तो शायरी में जो मोहब्बत है,  उसे ज़िंदा कर दूँ....  हम तो तेरी याद में ही जी लेंगे ... तु...